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सोमवार, 10 सितंबर 2012

कभी इंसान बन कर भी जिया करो




हमारे सीधेपन का 
मखौल न उडाओ
तीखेपन को न उकसाओ
अभी तक तो किसी का 
मज़ाक उड़ाना सीखा नहीं
अब कोई चाहत भी नहीं
अगर मजबूर करोगे
हम मुस्कारा कर सिर्फ
इतना कहेंगे
ऐ दोस्त कभी इंसान
बन कर भी जिया करो
इंसान को इंसान समझा करो
किसी की भावनाओं से 
खिलवाड़ मत किया करो 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर     

05-08-2012
650-10-08-12

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