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गुरुवार, 20 सितंबर 2012

इमानदारी बकवास है



इमानदारी बकवास है
पैसा,सत्ता, ताकत ही
सब कुछ है
लूट खसोट करना
भ्रष्ट होना सबसे उत्तम  है
ना यह सत्य है
ना भावनाओं का
उबाल
ना मस्तिष्क की उपज
ना ही ह्रदय की आवाज़
ये केवल
मेरी आँखों ने जो देखा
मेरे कानों ने जो सुना
मेरे शहर में
फुटपाथ पर लेटे
भूख से मर रहे
एक गरीब असहाय ने
आंसू बहाते हुए
जो कहा उसका
वर्णन है
21-08-2012
662-22-08-12

1 टिप्पणी:

  1. सही तो कहा है उस गरीब ने ....सत्ता और पैसे में ताकत भी तो बहुत है

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