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बुधवार, 19 सितंबर 2012

कभी कभी मुस्करा भी लिया करो



यूँ चुप रह कर
दर्द सहना ठीक नहीं
कुछ तो कहा करो
किसी और से नहीं तो
खुद से ही
बात कर लिया करो
माना यादें
परेशान करती हैं तुम्हें
उन्हें भूल जाया करो
यूँ हँसी चेहरे पर
गम ना लाया करो
कभी कभी मुस्करा भी
लिया करो
13-08-2012
661-21-08-12

9 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 22/09/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

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  2. हाँ, कभी-कभी मुस्कराना ज़रुरी है

    उत्तर देंहटाएं