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गुरुवार, 13 सितंबर 2012

ज़िन्दगी को समझने के लिए



ज़िन्दगी को
समझने के लिए
खुशी के साथ गम भी
ज़रूरी है
हँसी के साथ आंसू भी
ज़रूरी है
जीत के साथ हार भी
ज़रूरी है
क्रोध के साथ प्यार भी
ज़रूरी है
हर जान को
एक जान का साथ भी
ज़रूरी है
इंसान बन कर रहना भी
ज़रूरी है
ऊपर वाले की दुआ भी
ज़रूरी है
जिसने भी समझ लिया
सच ज़िन्दगी का
उसने ही समझ लिया
ज़िन्दगी को
उसको फ़िक्र करना फिर
ज़रूरी नहीं है
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
13-08-2012
656-16-08-12

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