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सोमवार, 13 अगस्त 2012

पुराने हो गए हैं,तो क्या बदल दोगे


पुराने हो गए हैं
तो क्या बदल दोगे
कूडा समझ कर फैंक दोगे
ये भी सोच लो
नया कहाँ से लाओगे
तुम कह दोगे 
नए की ज़रुरत ही नहीं
कुछ करने से पहले 
खुद का भविष्य भी जान लो
खुद से ही प्रश्न पूछ लो
एक दिन तुम भी पुराने
पड़ जाओगे
क्या कूड़े सा फिकने को
खुद के बदले जाने
 के लिए
तैयार हो पाओगे
डा.राजेन्द्र तेला,निरंतर
25-06-2012
588-38-06-12

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगल वार १४/८/१२ को चर्चाकारा राजेश कुमारी द्वारा चर्चामंच पर की जायेगी आपका स्वागत है|

    उत्तर देंहटाएं
  2. सोच और संस्कार अपने अपने ..

    उत्तर देंहटाएं
  3. राजेंद्र जी नमस्कार...
    आपके ब्लॉग 'निरंतर की कलम से' कविता भास्कर भूमि में प्रकाशित किए जा रहे है। आज 17 अगस्त को 'पुराने हो गए हैं, तो क्या बदल दोगे...' शीर्षक के कविता को प्रकाशित किया गया है। इसे पढऩे के लिए bhaskarbhumi.com में जाकर ई पेपर में पेज नं. 8 ब्लॉगरी में देख सकते है।
    धन्यवाद
    फीचर प्रभारी
    नीति श्रीवास्तव

    उत्तर देंहटाएं