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सोमवार, 27 अगस्त 2012

इस दिल पर बस नहीं मेरा



इस दिल पर बस
नहीं मेरा
कितना भी समझाऊँ
समझता नहीं है
बार बार मचलता है
कोई अपना सा
ढूँढने की
जिद करता है
निरंतर भटकता है 
दिल मेरा
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
24-07-2012
618-15-07-12

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