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शनिवार, 25 अगस्त 2012

कोई सो गया बात करते करते



कोई सो गया
बात करते करते
जगा गया 
रात भर के लिए
ज़िन्दगी भर के लिए
जगा दी
तमन्नाएं हमारी
खौफज़दा हूँ
क्या उन्हें याद रहेगा
उनका वादा
सवेरे उठते उठते
या मिलेगी फिर
नाकामयाबी की
सौगात रोते रोते
ज़िंदगी गुजरती रहेगी
अधूरी हसरतों में 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
मोहब्बत.चाहत,शायरी,selected
17-07-2012
613-10-07-12

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