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रविवार, 26 अगस्त 2012

हास्य कविता-चैन से रहूँगा



पत्नी बोली हँसमुखजी से
दिल में दर्द हो रहा है
हँसमुखजी बोले
दर्द की दवा ले लो
पत्नी बोली दिल का दर्द
दवा से ठीक नहीं होगा
जवाब मिला
बाम लगा लो
पत्नी बोली नासमझ हो
बाम से भी ठीक नहीं होगा
हँसमुखजी  बोले
डाक्टर को दिखा लो
पत्नी को गुस्सा आया
जोर से गुर्राई
निपट मूर्ख हो
समझते नहीं हो
डाक्टर दिल के दर्द में
क्या करेगा
जवाब मिला किसी
दूसरे को दे दो
पत्नी भन्नाई
फिर तुम क्या करोगे
क्या पापड बेलोगे
हँसमुखजी बोले
तुमसे पीछा छूट जाएगा
फिर चैन से रहूँगा
17-07-2012
615-12-07-12
(सम्पूर्ण नारी जगत से प्रार्थना है,इसे हास्य तक सीमित रखें ,ह्रदय से नहीं लगायें )

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ख़ूब!
    आपकी यह सुन्दर प्रविष्टि कल दिनांक 27-08-2012 को सोमवारीय चर्चामंच-984 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  2. अब ऐसे चुटकुलों पर आनंद नहीं आता। लगता है पुराना फिर से पढ़ रहा हूँ।

    उत्तर देंहटाएं