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मंगलवार, 10 जुलाई 2012

क्यों समझते हो…



महरी के बेटे को
मोबाइल पर
बात करते देख
वो ऊंची आवाज़ में बोले
इतना महँगा फ़ोन
कहाँ से उठा कर लाये हो
लड़का पहले तो सहमा
फिर हिम्मत कर के बोला
अब सोच बदल दो
बिना सोचे समझे 
कहना छोड़ दो  
क्यों समझते हो
हर अमीर को साहूकार
हर गरीब को चोर
फ़ोन मेरा अपना नहीं
मेरे ऑफिस का है
मोबाइल कंपनी में
काम करता हूँ 
वहीं से मिला है
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
12-05-2012
514-28-05-12

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