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रविवार, 22 जुलाई 2012

हम खुश किस्मत हैं,हमें गाँधी,सुभाष मिले


हम खुश किस्मत हैं
हमें गाँधी,सुभाष 
पटेल,शास्त्री मिले
हम आज़ाद  हुए
हमें गणतंत्र मिला,
प्रजातंत्र  मिला
फिर इतने बदकिस्मत
कैसे हो गए
भ्रष्ट और स्वार्थी
नेताओं का राज मिला
ऊपर जाऊंगा तब
इश्वर से पूछूंगा 
ये अंग्रेजों की
बद्दुआ का असर है
या हमारे कर्मों का
फल है
30-05-2012
547-67-05-12

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल २४/७/१२ मंगल वार को चर्चा मंच पर चर्चाकारा राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आप सादर आमंत्रित हैं

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