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गुरुवार, 5 जुलाई 2012

मैं इतना जाहिल तो नहीं


मैं इतना 
जाहिल तो नहीं
ख़ूबसूरती को नहीं
पहचानूँ
तुम्हें देख कर आहें
ना भरूँ
इतना तंगदिल भी नहीं
तुम मुस्कराओं
मैं तारीफ़ ना करूँ
इतना खुदगर्ज़ भी नहीं
तुम जवाब ना दो
मैं बुरा मान लूँ
अब तुम्ही बताओ
गर दिल लगाया तुमसे
तो क्या गुनाह किया
या तो तुम खुद को
खूबसूरत नहीं मानती
या फिर तुम्हारी
मुस्काराहट
इस लायक नहीं
कोई
 उसकी तारीफ़ करें
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
06-05-2012

502-17-05-12

2 टिप्‍पणियां:

  1. शनिवार 07/07/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. आपके सुझावों का स्वागत है . धन्यवाद!

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