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शुक्रवार, 22 जून 2012

हास्य कविता -पहली बार जब मिला उससे


पहली बार
जब मिला उससे
झिझक रहा था
दिल घबरा रहा था
उसने घबराहट को
पहचान लिया 
फ़ौरन बोली
तुम्हारा कोई दोस्त
इस तरह नहीं 
घबराया
बेफिक्र वक़्त बिताया 
तुम क्यों घबरा
रहे हो
डा.राजेंद्र तेला निरंतर 
20-04-2012
468-49-04-12

1 टिप्पणी:

  1. अजी मिलने में क्या घबराना,,,,हिम्मत से का लीजिए,,,,

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