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सोमवार, 18 जून 2012

कल का कल देखा जाएगा



आज कल जैसा ना हो
कभी मन कहता
आज जैसा कल ना हो
जो आज सोचता
कल नहीं सोचा था
जो परसों सोचा था
कल नहीं सोचा
समझ नहीं आता
हर दिन सोच क्यों
बदलता
क्यों नहीं सोचता
जब आज
कल जैसा नहीं है
तो कल आज जैसा
कैसे होगा
पहले आज तो
खुशी से जी लूं
कल का कल देखा
जाएगा
18-04-2012
459-40-04-12

2 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा राजेन्द्र जी. पहले आज तो ठीक से जी लिया जाए...

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