ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

बुधवार, 30 मई 2012

तुम लौट कर आओ ना आओ



तुम्हारी मर्जी 
लौट कर
 आओ ना आओ
लौट कर
आ भी जाओ तो
चेहरा,आँखें ,
आवाज़
तो वही मिलेगी
मगर तुम्हारे
इंतज़ार में 
 दिल टूट कर 
बिखर चुका
उसका जुड़ना 
मुश्किल होगा
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
शायरी, 
20-03-2012
420-154-03-12

1 टिप्पणी: