ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

गुरुवार, 26 अप्रैल 2012

अभी से जाने का नाम ना लो


अभी से
जाने का नाम ना लो
कुछ देर तो मेरे पास बैठो
अभी तो ठीक से देखा
भी नहीं
मन भरना तो बहुत
दूर की बात
मेरे रोम रोम में समा जाओ
अपनी रूह को
मेरी रूह में मिल जाने दो
जाने से पहले
कुछ ऐसा कर जाओ
दिल कभी ना रहे उदास
हर लम्हा
अहसास रहे तुम्हारा
फिर चाहो तो चले जाना
09-03-2012
333-67-03-12

12 टिप्‍पणियां:

  1. vaah kisi ki upasthiti ka ehsaas hi poorn jeevan jeene ka sabab ban jata hai.sundar bhaav.

    उत्तर देंहटाएं
  2. कल 29/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    हलचल - एक निवेदन +आज के लिंक्स

    उत्तर देंहटाएं
  3. संवातात्मक शैली में सुंदर रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  4. हम्म ..फिर चाहो तो चले जाना

    उत्तर देंहटाएं
  5. मन के भावो की कोमल अभिव्यक्ति.....

    उत्तर देंहटाएं