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मंगलवार, 17 अप्रैल 2012

हास्य कविता-हँसमुखजी मुझ से कहने लगे बहुत मुश्किल में फंस गया हूँ


हँसमुखजी मुझ से कहने लगे
बहुत मुश्किल में फंस गया हूँ
मुझ पर
प्यार का रंग चढ़ गया है
मैंने कहा
रंग को जितना चढाओगे
उतना ही चढ़ता जाएगा
जितना पकाओगे
उतना ही पक्का हो जाएगा
भूत बन कर सर पर सवार
हो जाएगा
दिन रात तुम्हारा हाल
बेहाल करेगा
ना सोने देगा ना जागने देगा
लडकी के पहलवान भाई को
पता चलेगा तो पिटना भी पडेगा
तुरंत प्यार के रंग को उतार दो
अपने पिताजी को बता दो
ज़ल्दी से तुम्हारा विवाह
करवा दे
ज़िन्दगी भर के लिए गले में
फंदा बंधवा दे
बीबीका रंग  चढ़ने के बाद
कोई रंग नहीं चढ़ेगा
कोशिश करोगे तो फिर निरंतर
बीबी से भी पिटना पडेगा
07-03-2012
312-46-03-12

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