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शनिवार, 14 अप्रैल 2012

कौन सुनता है किसी की ?जो तुम मेरी सुनोगे


कौन सुनता है
किसी की ?
जो तुम मेरी सुनोगे
 जिद करूंगा तो 
दो चार मिनिट
सुन लोगे
आगे बढूंगा उससे पहले
मुझे टोक दोगे
पूरी बात
सुने समझे बिना
सलाह दे दोगे
आधी गलती मेरी
आधी
 दूसरे की बता दोगे  
सब्र से काम
लेने के लिए कहोगे
मिलजुल कर रहने का
फैसला सुना दोगे
तुमने हाँ में हाँ नहीं
मिलायी
इसलिए मुझे संतुष्टी नहीं
मिलेगी
मैं किसी ऐसे को ढूदूंगा
जो मेरी हाँ में हाँ मिला दे
मेरी इच्छा के अनुरूप
फैसला सुना दे
दुनिया के सामने उसे
समझदार
तुम्हें मूर्ख बताऊंगा
06-03-2012
304-38-03-12

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बेहतरीन और उम्दा रचना....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर और सटीक प्रस्तुति...

    उत्तर देंहटाएं
  3. हाँ मै आपकी हाँ में हाँ मिलाती हूँ डॉक्टर साहब वैसे भी डॉक्टर्स से पंगा लेने वाला मूर्ख ही होता है:)

    उत्तर देंहटाएं