ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

सोमवार, 2 अप्रैल 2012

जिसने खुद को जान लिया


जिसने खुद को जान लिया
इंसानियत को पहचान लिया
खुदा की रज़ा को 
ज़िन्दगी में उतार लिया
समझो खुदा के घर का
रास्ता जान गया 
खुदा का नूर उस पर बरसेगा
हर शख्श अपना लगेगा
दिल में नफरत
रंजिश का नाम ना होगा
ज़िन्दगी में सुकून का
राज होगा
ज़मीन से उठने के बाद
खुदा का घर उसकी मंजिल
दरवेशों का साथ होगा

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
02-03-2012
275-10-03-12

6 टिप्‍पणियां:

  1. जिसने खुद को जान लिया
    इंसानियत को पहचान लिया
    बहुत ही बढिया।

    उत्तर देंहटाएं
  2. ज़मीन से उठने के बाद
    खुदा का घर उसकी मंजिल
    दरवेशों का साथ होगा... sahi kaha aapne ... bahut khoob !!

    उत्तर देंहटाएं
  3. लिखते रहिए बस "निरंतर" की कलम से.....

    उत्तर देंहटाएं
  4. एक और अच्छी प्रस्तुति |
    ध्यान दिलाती पोस्ट |
    सुन्दर प्रस्तुति...बधाई
    दिनेश पारीक
    मेरी एक नई मेरा बचपन
    http://vangaydinesh.blogspot.in/
    http://dineshpareek19.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं
  5. एक और अच्छी प्रस्तुति |
    ध्यान दिलाती पोस्ट |
    सुन्दर प्रस्तुति...बधाई
    दिनेश पारीक
    मेरी एक नई मेरा बचपन
    http://vangaydinesh.blogspot.in/
    http://dineshpareek19.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं