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सोमवार, 5 मार्च 2012

होली खेलना अवश्य पर …


होली खेलनी है तो
रंगों से खेलों
अबीर गुलाल से खेलो
नाचो और नचाओ
चंग मजीरे बजाओ
गीत खुशी के गाओ
पर यह भी याद रखना
किसी के ज़ज्बातों से
मत खेलना
सबकी इज्ज़त का
ख्याल रखना
किसी का मज़ाक
मत उड़ाना
ऐसा कुछ ना करना
जो तुम्हें पसंद नहीं
होलिका दहन भी करना
सब से गले मिलना
पर हरे पेड़ों को मत
काटना
प्रकृति से खिलवाड़
मत करना
धरती माँ को बाँझ
मत बनाना
होली खेलना अवश्य
जिनसे बैर है
उनके साथ खेलना
गिले शिकवे भूलना
बैर को प्रेम में बदलना
होली खेलना अवश्य
पर उसे यादगार बनाना
भाईचारे की
मिसाल पेश करना
रिश्तों को
चटख रंग से भरना
होली अवश्य खेलना
पर गरीब बेसहारा का
ध्यान अवश्य रखना
उन्हें भी रंग लगाना
मिठाई से मुंह मीठा
कराना
कुछ पलों के लिए
ही सही
उन्हें भी हँसाना
होली खेलना अवश्य
पर सब ऐसे ही खेलें
इस बात का प्रयत्न भी
करना
04-03-2012
292-27-03-12

3 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी सन्देश देती सुन्दर रचना.
    होली की शुभकामनाये---

    उत्तर देंहटाएं
  2. भावों की होली हो, भावों से होली न हो..

    उत्तर देंहटाएं
  3. होली खेलनी है तो
    रंगों से खेलों
    अबीर गुलाल से खेलो
    नाचो और नचाओ
    चंग मजीरे बजाओ
    गीत खुशी के गाओ
    पर यह भी याद रखना
    किसी के ज़ज्बातों से
    मत खेलना

    बढ़िया रचना प्रस्तुति .... होली की शुभकामना और बधाई ...

    उत्तर देंहटाएं