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गुरुवार, 8 मार्च 2012

मोहब्बत का कोई पर्व नहीं होता


हास्य कविता -मोहब्बत का कोई पर्व नहीं होता
=======================
दोस्त ने
हँसमुखजी को
ताना मारा
बड़े ही
विचित्र आदमी हो
तुमने वैलंटाइन डे नहीं
मनाया ?
क्या भाभी जी से
मोहब्बत नहीं करते
हँसमुखजी बोले
मोहब्बत का
कोई पर्व नहीं होता
मोहब्बत दिल से होती
 हर क्षण हर दिन
दिल में पलती है
उसकी आग
कभी कम नहीं होती
ना उसे दिखाने की
ना ही मनाने की
आवश्यकता होती
जीने के लिए साथी की
याद ही काफी होती
मुझे हँसी आती है
लोग मोहब्बत का भी
पर्व मनाते हैं

© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
17-02-2012
184-95-02-12

6 टिप्‍पणियां:

  1. ***Punam*** said...

    मोहब्बत दिल से होती
    दिल में पलती
    उसकी आग
    कभी कम नहीं होती
    ना उसे दिखाने की
    ना ही मनाने की
    आवश्यकता होती

    bahut sahi kaha aapne....
    February 18, 2012 12:15 AM

    उत्तर देंहटाएं
  2. bahut sundar rachna mja aa gya ....
    http://jadibutishop.blogspot.in

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह!
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    होली का पर्व आपको मंगलमय हो!
    बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं
  4. मोहब्ब्त का पर्व मनाया जाये...
    मगर वर्ष में एक दिन नहीं....हर दिन....जब आप साथ-साथ हो
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  5. सही कहा आपने....

    होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं