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मंगलवार, 27 मार्च 2012

ये गनीमत थी उन्होंने हमें पहचान लिया


ये गनीमत थी
उन्होंने
हमें पहचान लिया
ये बात जुदा हैं
वो हमसे नज़रें
चुराते रहे
हमसे बचने की
कोशिश करते रहे
उनकी बेवफायी के
गुनाह ने
उन्हें हमारा सामना
ना करने दिया
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

शायरी,बेवफाई,
25-02-2012
246-157-02-12

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