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शुक्रवार, 9 मार्च 2012

शहर की आबो हवा बदल गयी


शैतानी फितरत कामयाब हो गयी 
इंसान के दिल-ओ-दिमाग पर 
हावी हो गयी है
शहर की आबो हवा बदल गयी 
फिजा धूल मिट्टी से भर गयी 
चिड़ियाएं मेहमान हो गयी 
सडकें गाड़ियों से पट गयीं 
पेड़ों की हरयाली कम हो गयी 
ताज़ी हवा कहानी बन गयी 
ज़मीन सोने से भी महंगी हो गयी 
जीना मजबूरी हो गयी 
शहर की आबो हवा बदल गयी 
डा.राजेंद्र तेला,निरन्तर  
18-02-2012
187-98-02-12

3 टिप्‍पणियां:

  1. शहर अब technology park है.....
    इमारतों और मशीनों से भरा...

    सार्थक रचना सर .
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  2. शहर की आबो हवा
    बदल गयी है

    yahi aaj ki sachchaai hai...

    उत्तर देंहटाएं
  3. यही हर दिन का सत्य बनता जा रहा है।

    उत्तर देंहटाएं