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गुरुवार, 9 फ़रवरी 2012

खुदा उनको खुश रखे


खुदा
उनको खुश रखे
जो बांटते हैं
खुशियाँ सबको
देते हैं हिम्मत
बढाते हैं होंसला
बदले में मांगते नहीं
कभी कुछ
रखते हैं हाथ कंधे पर
पोंछते हैं आंसूं
बंधाते हैं ढाढस
सुनते हैं सबकी
कान लगा के
खुद के गम
जुबां पर नहीं लाते

खुद से ज्यादा
दूसरों के लिए जीते
खुद खामोशी से
सहते रहते
खुदा
उनको आबाद रखे
जो बांटते हैं
खुशियाँ सबको
01-02-2012
93-03-02-12

8 टिप्‍पणियां:

  1. मगर ऐसे लोग पाए कहाँ जाते हैं???

    कविताओं में???

    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. dil-o-dimaag ko khulaa rakho
      har insaan pe shaq naa karo
      khud doosron ke liye jeenaa
      praarambh karo
      apnee kareeb hee mil jaayegaa

      हटाएं
    2. शायद आप ठीक कह रहे हैं...
      :-)
      शुक्रिया.

      हटाएं
  2. ... KHUD KE GAM JABAN PAR NAHI LATE,
    KHUD SE JYADA DOOSRON KE LIYE JEETE'
    KHUD KHAMOSHI SE SAHTE RAHTE.....

    Tela ji mai yeh poochne ki gustakhi kar raha hoo
    Kahan se layenge wo log,jo zamane mai doondhe bhi nahi milte

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. dil-o-dimaag ko khulaa rakho
      har insaan pe shaq naa karo
      khud doosron ke liye jeenaa
      praarambh karo
      apnee kareeb hee mil jaayegaa

      हटाएं
  3. खुद से ज्यादा
    दूसरों के लिए जीते
    खुद खामोशी से
    सहते रहते
    खुदा
    उनको आबाद रखे
    जो बांटते हैं
    खुशियाँ सबको

    खुदा आपकी दुआ कुबूल करे....

    उत्तर देंहटाएं