ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

शनिवार, 11 फ़रवरी 2012

कौन याद करता है ?

मेरी कुछ कवितायें
मेरी डायरी में दबी पडी हैं
ठीक वैसे ही जैसे 
अपने कई ज़मीन में 
दफनाये पड़े हैं
कुछ कविताओं की
कुछ पंक्तियाँ याद हैं
कुछ के कुछ शब्द
कुछ के केवल शीर्षक
मस्तिष्क पर जोर 
डालता हूँ 
तो कुछ और कविताएं 
याद आने लगती हैं
कुछ कवितायें ऐसी भी हैं
जो ह्रदय से निकली थी
बड़े मन से लिखी गयीं थी
पर याद ही नहीं आती
निरंतर सोचता हूँ
ऐसा क्यों होता है ?...
क्यूँ भूल जाता हूँ  ...
क्या इसलिए कि याद
करना  नहीं चाहता  
या  मैं बदल गया हूँ 
जो कभी ह्रदय का
हिस्सा होता था
अब याद भी नहीं आता
इतनी आसानी से
मनुष्य कैसे भूल जाता
ठीक उत्तर मिलता नहीं
तो अपने से कह देता हूँ
जो आज है
वो ही तो याद रहेगा
जो हो चुका या जा चुका
उसे कोई क्यों याद करेगा ?
किसे याद रहता
किसने किसके लिए
क्या करा ?
वैसे भी उगते सूरज को
सब नमस्कार करते हैं
जो चला गया
उसे कौन याद करता है ?
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
कविताएं.कविता,यादें,जीवन
02-02-2012
100-10-02-12

3 टिप्‍पणियां:

  1. मेरी कुछ कवितायें
    मेरी डायरी में दबी पडी हैं
    ठीक वैसे ही जैसे अपने कई
    ज़मीन में दफनाये पड़े हैं
    कुछ कविताओं की
    कुछ लाइनें याद हैं
    कुछ के कुछ शब्द
    कुछ के केवल शीर्षक
    बहुत जोर लगाता हूँ
    तो कुछ और याद आने
    लगती हैं
    कुछ कवितायें ऐसी भी हैं
    जो ह्रदय से निकली थी
    बड़े मन से लिखी गयीं थी
    याद ही नहीं आती
    निरंतर सोचता हूँ
    ऐसा क्यों होता है ?... क्यूँ भूल जाता हूँ ... क्या इसलिए कि याद करना नहीं चाहता या मैं बदल सा गया हूँ

    उत्तर देंहटाएं
  2. UGTE SURAJ KO SAB NAMASKAR KARTE HAI,
    JO CHALA GAYA ,USE KAUN YAD KARTA HAI

    PAR JAGAT KA SANATAN NIYAM HAI YE, JISE KAUN MITA SAKTA HAI
    Man ko chooti rachna

    उत्तर देंहटाएं