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सोमवार, 27 फ़रवरी 2012

उलझन


उलझन से बचने
के लिए हमने उनकी
इज़हार-ऐ-मोहब्बत
का जवाब ना दिया
उन्होंने तौहीन समझ
दिल से लगा लिया
अपनी चाहत को
नफरत में बदल दिया
सारे शहर में बदनाम
कर दिया
उनकी फितरत ने
हमें उलझन में
ड़ाल दिया
12-02-2012
158-69-02-12

3 टिप्‍पणियां:

  1. अति आकर्षण ही इस तरह की प्रतिक्रिया लाता है..

    उत्तर देंहटाएं
  2. उलझनों से जितना बचना चाहो उतना ही उलझा देती हैं..

    उत्तर देंहटाएं
  3. अब पछतावत होत का.....जब चिड़िया चुग गयी खेत :)
    इससे तो वही उलझन ठीक थी ना ...

    उत्तर देंहटाएं