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बुधवार, 8 फ़रवरी 2012

हम बदल जायेंगे

नहीं बदलेंगे गर वो
फितरत अपनी
तो हम बदल जायेंगे
लाख रखें रंज हमसे
दें दें भरपूर बद्दुआए
मलाल नहीं रखेंगे
जी भर के रुलालें
हमको
हर बार आंसू पोंछ कर
फिर से हँसेंगे
मोहब्बत
ना छोड़ेंगे उनसे
वो ना बदलें भले ही
हम बदल जायेंगे
01-02-2012
91-01-02-12

5 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी प्रस्तुति ..
    kalamdaan.blogspot.in

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  2. क्‍या बात है.....इसे कहते हैं उम्‍मीद।

    उत्तर देंहटाएं
  3. हम मौसम नहीं जो बदल जायेंगे ....मन की उम्मीद को यूँ ही बनाये रखे

    उत्तर देंहटाएं