ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

गुरुवार, 2 फ़रवरी 2012

आई लव यू ,गुड बाई की जगह बहन फिर मिलेंगे बोल बैठे (हास्य कविता)


आई लव यू ,गुड बाई की जगह बहन फिर मिलेंगे बोल बैठे (हास्य कविता)
===================
आज उन्हें
नाराज़ कर बैठे
हाई  हैलो की जगह
नमस्कार कर बैठे
खूबसूरत लग रही हो
कहना भूल बैठे
अध् ढके शरीर पर
पहने नए सूट
नयी घड़ी की
तारीफ़ करना भूल बैठे
असली उम्र से
छोटी लग रही हैं
कहने से चूक गए
उनके पसंदीदा
सैंट की महक को
अजीब बदबू आ रही है
कह बैठे
ज़ल्दबाजी में उनके
कद को सही नाप बैठे ,
उन्हें साढ़े चार फुट का
बता बैठे
अच्छा सोच रखने की
सलाह दे बैठे
जाते जाते संस्कारों पर
चर्चा कर बैठे
आई लव यू ,
गुड बाई की जगह
बहन फिर मिलेंगे
बोल बैठे
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
23-01-2012
73-73-01-12

11 टिप्‍पणियां:

  1. sundar rachna... ab hi.. hello ke jamane me namaskar karne valon ka yahi hal hota hai... yah hasya kavita hote huye bhi karara vyanga hai aaj kii soch par..

    Regards
    Manju

    उत्तर देंहटाएं
  2. hahahhahahaha hota hai kabhi kabhi aisa bhi, jyada hin hadbadahat rahi hogi khushaamad aur taareef karne kee, dil jodte jodte bahan ka nata jod baithey...
    bahut mazedaar, badhai.

    उत्तर देंहटाएं
  3. SACH BADA KATU HOTA HAI JANAB AB AGE SE DHYAN RAKHIYEGA AAP SE SAHANUBHUTI HAI. DHANYAVAD
    ACHHI RACHNA SACH KO DARSHATI HUE

    उत्तर देंहटाएं
  4. :-)

    याने अक्ल आ गयी....

    रोचक....

    उत्तर देंहटाएं
  5. wah sir ,
    bahut hi kamal ka kam kiya hai apne
    behtarin rachana hai

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह! शानदार तरीके से संस्कृति में आते contrast को व्यक्त करती रचना!
    नयी पुरानी हलचल से आना हुआ पहली बार आपके इस ब्लौग पर! बहुत अच्छा लगा!

    उत्तर देंहटाएं
  7. आज 05/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर (सुनीता शानू जी की प्रस्तुति में) लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  8. hahahaha.....sir aisi galtiyan naa kara kijiye...ekdm alag prastuti..

    उत्तर देंहटाएं
  9. हाहा हा हा हा हा ....सही शब्दों से सब कुछ बता दिया ...व्यंग्य बढिया हैं

    उत्तर देंहटाएं