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सोमवार, 30 जनवरी 2012

नहीं चाहता तूँ बदनाम हो जाए

अपने अक्स को
बहुत सम्हाल कर
रखता हूँ
चाहता नहीं हूँ
जिस तरह मैं टूट गया
उस तरह मेरा अक्स
भी टूट जाए
दिल बाहर निकल कर
बिखर जाए
उस पर लिखे तेरी
बेवफायी के किस्से
दुनिया को पता चल जाए
निरंतर
दिल से चाहा तुझ को
नहीं चाहता
तूँ बदनाम हो जाए
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

19-01-2012
67-67-01-12

7 टिप्‍पणियां:

  1. Nahi chahta jis tarah main toot gaya,
    us tarah mera aaks toot jaye.....teri
    bewafaie ke kisse duniya ko pata chal jaye
    BHAV POORNA RACHNA,SUNDAR PRASTUTI

    उत्तर देंहटाएं
  2. अपने अक्स को
    बहुत सम्हाल कर
    रखता हूँ
    नहीं चाहता
    जिस तरह मैं टूट गया
    उस तरह मेरा अक्स
    टूट जाए

    be careful.....

    उत्तर देंहटाएं
  3. बेहतरीन भावप्रद अभिव्यक्ती है

    उत्तर देंहटाएं