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सोमवार, 23 जनवरी 2012

ये चेहरा आज कुम्हलाया हुआ क्यूं है

ये चेहरा आज
कुम्हलाया हुआ क्यूं है
दिल किसने दुखाया
उसका पता क्या है
जा कर पूछूंगा उससे
उसके वहशीपन की
वजह क्या है
क्यूं उसे
खूबसूरत चेहरे
नहीं भाते
क्यूं इमानदारी से
जीने वाले उसे बुरे
लगते
क्यूं इतना बेदिल है
दिलदार उसे खारे
लगते
15-01-2012
44-44-01-12

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर और सटीक कविता। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेहतरीन अभिव्‍यक्ति
    कल 25/01/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्‍वागत है, ।। वक्‍़त इनका क़ायल है ... ।।

    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर और सटीक कविता..बहुत खूब..

    उत्तर देंहटाएं