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रविवार, 8 जनवरी 2012

अभी तक आये नहीं,तो कोई बात नहीं


अभी तक आये नहीं
तो कोई बात नहीं
क्या बीतती है दिल पर
कैसे बताएं तुम्हें
फिर हम भी घबराए नहीं
आस दिल की अब तक
पूरी हुई नहीं
अकेले जीने की मजबूरी
अभी ख़त्म हुई नहीं
बेताब दिल
बेचैन आँखों को
राहत मिलेगी
जुदाई कभी तो
मिलन में बदलेगी
उम्मीद
 अभी टूटी नहीं
अभी तक आये नहीं
तो कोई बात नहीं
02-01-2012
05-05-01-12

5 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया प्रस्तुति...
    आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल दिनांक 09-01-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर भी होगी। सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  2. जुदाई कभी तो
    मिलन में बदलेगी
    उम्मीद
    अभी टूटी नहीं .......waah !ummid hi jivan hai,khub likha aap ne.....

    उत्तर देंहटाएं