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मंगलवार, 3 जनवरी 2012

दिल के अरमान कभी पूरे नहीं होते


दिल के अरमान
कभी पूरे नहीं होते
दिल की आग
बुझाने की कोशिश में
निरंतर भड़काते रहते
सम्हलने की कोशिश में
और उलझते जाते
रोज़ नए अफ़साने
बनते रहते
दिन ज़िन्दगी के
यूँ ही गुजरते जाते
हम खामोशी से
सहते जाते

ग़मों को पीते जाते
ज़िन्दगी
जब तक है बाकी
मुस्करा कर जिए
 जाते
27-12-2011
1895-63-12

3 टिप्‍पणियां:

  1. wah bahut khoob ,..........
    dil ke arman kabhi pure nahi hote aur
    ham khamosh sahate jate hai .
    aarjoo dil me dabaye
    gam ko bhi pi jate hai .
    jindgai jab tab hai baki
    muskurate hi jate hai ..............:)

    उत्तर देंहटाएं
  2. नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

    उत्तर देंहटाएं
  3. नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

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