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सोमवार, 2 जनवरी 2012

नए साल से पहले,नया साल आ गया


अब जश्न मनाने का 
वक़्त आ गया
मौसम खुशगवार
हो गया
नए साल से पहले
नया साल आ गया
आज इंतज़ार ख़तम
हो गया
उम्मीदों को मुकाम
सब्र को नतीजा
मिल गया
आज उनका पैगाम
आ गया
मायूस चेहरे पर
निखार आ गया
दिल को सुकून
मिल गया
27-12-2011
1893-61-12

5 टिप्‍पणियां:

  1. नये वर्ष की बधाई....वाकई मौसम बहुत खुशगवार है।

    उत्तर देंहटाएं
  2. दस दिनों तक नेट से बाहर रहा! केवल साइबर कैफे में जाकर मेल चेक किये और एक-दो पुरानी रचनाओं को पोस्ट कर दिया। लेकिन आज से मैं पूरी तरह से अपने काम पर लौट आया हूँ!
    नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

    उत्तर देंहटाएं
  3. chaliye aapki har khvaahish poori ho gai.jashn manaaiye.nav varsh mubarak ho.

    उत्तर देंहटाएं
  4. sabse pyari .sabse khas .aapka yeh badhai ka andaj .
    sabse pyara tohfa ...navvarsh ka alag andaj .
    yeh rachna ekdam khas . bahut pasand aayi .aapki yeh pyari si badhai ...........aapko bahut -bahut badhai.:)

    उत्तर देंहटाएं