ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

कुछ तो है उनमें ,जो किसी और में नहीं

कुछ तो है उनमें

जो किसी और में नहीं

उनके अंदाज़ का कहीं

कोई सानी नहीं

बात हुस्न-ओ-इश्क

की नहीं

ना ही कोई मजबूरी

उनका

जादू ही कुछ ऐसा है

कि दिल मानता नहीं

नाम जहन में आते ही

दिल में कुछ होता है

लाख रोको,रुकता नहीं

निरंतर

उनसे मिलने की

जिद करता है

05-08-2011

1308-30-08-11


सब चले जा रहे हैं

सब चले जा रहे हैं

धीरे धीरे

आगे बढ़ रहे हैं

अपनी,अपनी

समस्याओं का बोझ

उठाये

कुछ चुपचाप सह रहे हैं

कुछ चिल्ला चिल्ला

कर कह रहे

किसी को पता नहीं

कहाँ जाना है ?

फिर भी चले जा रहे हैं

थक गए हैं

पर खुद को तरो ताज़ा

बता रहे हैं

अपनी तन्हाईयों में

जी रहे हैं

निरंतर आशाओं में

निराशा का उत्तर

ढूंढ रहे हैं

05-08-2011

1307-29-08-11

कभी मेहमान बना कर बुलाया गया

कभी मेहमान

बना कर बुलाया गया

गले से लगाया गया

जी भर के हंसाया गया

आज दुश्मन समझ

निकाला गया

जी भर कर रुलाया गया

धोखा खाता गया

बार बार दुत्कारा गया

निरंतर

तसव्वुर करता रहा

दिल लगाता रहा

उम्मीद में जीता रहा

05-08-2011

1305-27-08-11

हँसमुखजी के नामकरण का इतिहास (हास्य कविता)


हँसमुखजी के
नामकरण का इतिहास
बड़ा निराला था
गाँव के लोगों ने उनके
परदादा की हर बात पर
जोरदार ठहाका लगाने की
आदत के कारण
उन्हें ठहाका लाल कहना
शुरू किया था
उनके दादा का नाम
परदादा ने
ठहाका लगाते लगाते
हंसोड़ रख दिया था
दादा पीछे क्यों रहते
हँसमुखजी के
पिता का नाम
हँसी राम रख दिया
और तो और
हँसमुखजी की माँ का नाम
शादी के बाद बदल कर
खिसयानी देवी कर दिया
हँसी राम जी ने
बेटे का नाम हँसमुख
बेटी का नाम मुस्कराहट
रख दिया
हँसमुखजी कहाँ कम पड़ते
परम्परा निभाते हुए
उन्होंने भी अपने
बेटे का नाम
वक़्त के हिसाब से
पश्चिमी संस्कृति से
प्रभावित हो कर
लाफ्टर कुमार रख दिया
घर में उसे
लाफू के नाम से पुकारा जाता
उसकी पत्नी का नाम
सास ने अपने साथ हुए
अत्याचार का
बदला लेते हुए
खिलखिलाहट रख दिया
बिटिया परिवार की दिखे
इसलिए उसका नाम
इस्माइल रखा गया
अब चिंता सता रही है
पोते पोती का नाम
क्या रखा जाए ?
पोते का नाम हास्य
बेटी का मज़ाक रखा जाए
तो कैसा रहेगा ?
इस पर परिवार में
निरंतर चर्चा जारी है
05-08-2011
1304-26-08-11