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शनिवार, 26 मार्च 2011

"मैं" सिर्फ मैं,


"मैं"सिर्फ मैं,
इस ख्याल में
अकेला रह गया
दुनिया से कट गया
भ्रम दूर हो गया
खुद से भी
दूर हो गया
अकेला रहता हूँ  
निरंतर मातम
मनाता हूँ
साथ के लिए
तरसता हूँ
उम्मीद में जीता हूँ
किसी तरह
वक़्त काटता हूँ
26-03-03
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
518—188-03-11

मन मेरा बावरा चुप ना रहता



मन मेरा
बावरा चुप ना रहता
निरंतर कुछ ना कुछ
करता रहता,
जीवन के सफ़र में
चलता रहता
थकता तो सहारा ढूंढता
कोई साथ आता
फिर साथ छोड़ता
मन को व्यथित करता
सुकून की तलाश में छाया
ढूंढता
वहाँ भी झुलसता,
ज़िंदा रहने का शुक्रिया
खुदा को अदा करता
किस्मत समझ मुस्काराता
आगे बढ़ता
मंजिल की तलाश में
चलता जाता
26-03-03
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
517—187-03-11
 

मिलने से पहले ही बिछड़ गए


बिछड़ गए
ना जाने क्या समझ गए
हमने तो हाल-ऐ-दिल
सुनाया था
रोने के लिए कंधा
माँगा था
वो कंधे को दिल समझ बैठे
 हमें वो भी गलत समझ बैठे
हर बार ऐसा ही होता था
दर्द-ऐ-दिल
कम करने की चाहत में
ग़मों का बोझ निरंतर
बढ़ जाता
26-03-03
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
516—18603-11

आज फिर तोहमत लगी हम पर



आज फिर
तोहमत लगी हम पर
एक और
चोट लगी दिल पर
खामोशी से सुनता रहा
मन ही मन रोता रहा
जवाब
उस का कुछ ना दिया
सिलसिला ख़त्म हुआ
मुस्करा
कर दिल हल्का किया
दर्द कुछ कम हुआ  
निरंतर
गम को हंसी में उडाता
जब भी गुस्सा आता,
मुस्करा
कर काबू में करता
26-03-03
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
515—185-03-11

हर चेहरे की रौनक ,सच नहीं होती




 हर हंसी में
खनक नहीं होती
हर चेहरे की रौनक
सच नहीं होती  
हर सूरत,जैसी दिखती
हकीकत में वैसी नहीं होती
मजबूरी हर किसी की
चेहरे पर नहीं झलकती
दिल का दर्द 
सब का बाहर ना आता
कोई खुल कर रोता
कोई चुपचाप सहता
मुसकराते चेहरों का सच
किसी को पता ना होता
कौन ग़मों को निरंतर
अन्दर समाये बैठा
कौन हकीकत में खुश
कहाँ पता पड़ता
26-03-03
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
515—185-03-11

ना दे सका मेरा अहसास तुम्हें अब तक




ना दे सका 

मेरा अहसास तुम्हें
अब तक
मुझे अफ़सोस उसका
जो दिल में है तुम्हारे लिए
समझा ना सका
हर कोशिश
नाकामयाब रही अब तक
फिर भी
ना निराश हूँ ना हताश हूँ
आदत हो गयी
नाकामयाबी सहने की
मगर जज्बा ख़त्म ना
हुआ अब तक
कोशिश निरंतर जारी रहेगी
कामयाबी
ना मिलेगी जब तक

26-03-03
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर",अजमेर
514—184-03-11
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