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बुधवार, 28 दिसंबर 2011

हर तूफ़ान के बाद चलती हैं अमन की हवाएं

हर तूफ़ान के बाद
चलती हैं
अमन की हवाएं
काली रात के बाद
जगमाती हैं
सूरज की किरनें
ज़मीं को नहलाती हैं
सुनहरी धूप
रंजो गम की दुनिया से
निकल जाओ
ज़ज्बे को टूटने ना दो
सब्र से
 वक़्त गुजरने दो
फिर से हँसने का
इंतज़ार करो
निरंतर
खुदा से दुआ करो
वो दिन भी आयेगा
जब चेहरा फिर से
मुस्कराएगा
दिल-ओ-दिमाग का
सुकून लौट जाएगा
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
23-12-2011
1882-50-12

3 टिप्‍पणियां:

  1. आमीन ....हम भी चाहते हैं की हर वक्त अच्छा ही अच्छा हो

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  2. वक्‍म गुजरने दो फि‍र हंसने का इंतजार करो....बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं