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शुक्रवार, 2 दिसंबर 2011

राधा बोली मीरा से


राधा बोली मीरा से
कान्हा संग रहती हूँ
निरंतर रास रचाती हूँ
लाख प्रेम में डूबो उनके
चाहे जितना प्रयास 
कर लो 
कान्हा तो बस मेरे हैं
मीरा ने
उत्तर दिया राधा को
कान्हा तो प्रेम के भूखे हैं
संसार के
कण कण में बसते
ना मेरे हैं,ना तुम्हारे हैं
जो भी ह्रदय में बसाए 
कान्हा को
कान्हा तो बस
उसके  हैं
30-11-2011
1831-96-11-11

8 टिप्‍पणियां:

  1. इसमे क्या शक है…………बहुत सुन्दर भाव

    उत्तर देंहटाएं
  2. मीरा का ही उत्तर सच है .....मुरलीवाला तो सबका hai

    उत्तर देंहटाएं
  3. आप की पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली (२०) के मंच पर प्रस्तुत की गई है /कृपया वहां आइये और अपने विचारों से हमें अवगत करिए /आप हिंदी भाषा की सेवा इसी लगन और मेहनत से करते रहें यही कामना है / आभार /link


    http://hbfint.blogspot.com/2011/12/20-khwaja-gareeb-nawaz.html

    उत्तर देंहटाएं