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शनिवार, 17 दिसंबर 2011

जब देख ही लिया,ज़रा सा मिल भी लो


जब देख ही लिया
ज़रा सा मिल भी लो
चंद बातें हम से भी कर लो
आँखों को दी राहत तुमने
थोड़ी सी दिल को भी दे दो
वक़्त मुश्किल से गुजरता
सारा जहां दोजख सा लगता
थोड़ा सा वक़्त ज़न्नत में 
गुजारने दो
एक अहसान और कर दो
चंद यादें ऐसी भी दे दो
जिनके सहारे ज़िन्दगी
सुकून से काट लें
15-12-2011
1862-30-12

4 टिप्‍पणियां: