ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

रविवार, 11 दिसंबर 2011

अब और देरी मत करो


अब और देरी मत करो
समय व्यर्थ ना करो
देश को शर्मिन्दा ना करो
घडियाली आंसू बंद करो
अन्याय करना बंद करो
अपनों को पराया ना कहो
जनता की इच्छा जान लो
जनता की बात मान लो
नाटक करना छोड़ दो
भ्रष्ट तंत्र को ख़त्म करो
गाँधी अन्ना का सम्मान करो
जन लोकपाल क़ानून
पास करो
10-12-2011
1849-17-12
You might also like:

1 टिप्पणी:

  1. राजेंद्र जी,...जितने नेता है सब भ्रष्ट है दिल से कोई नही चाहता...
    अपने निजी फायदे में सब एक हो जाते है,....सुंदर पोस्ट ...

    मेरे पोस्ट में आइये...आज चली कुछ ऐसी बातें,बातों पर हो जाएँ बातें

    नयनों में जब होतीं बातें, क्या समझोगे ऎसी बातें
    हर भाषा में होतीं बातें, कुछ सच्ची कुछ झूठी बातें
    हार की बातें जीत की बातें, गीत और संगीत की बातें
    ज्ञान और विज्ञान की बातें, हर मौसम पर करते बातें

    स्वागत है,...

    उत्तर देंहटाएं