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गुरुवार, 10 नवंबर 2011

पहले क्यूं नहीं मिले आपसे ?


निरंतर
साथ जीने मरने की
कसमें खाने वाले
कुछ इस कदर
खफा हुए हमसे
शक्ल -ओ-सूरत तक
भूल गए
मिले तो कहने लगे
भाई जान
बड़ा अफ़सोस है हमें
पहले क्यूं नहीं मिले
आपसे ? 
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर"
10-11-2011
1767-35-11-11

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