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बुधवार, 9 नवंबर 2011

दर्द-ऐ-दिल ने उसे ठीक ना होने दिया

निरंतर
इलाज करवाया
बीमार ठीक ना हुआ
लोगों के पूछने पर
कहने लगा
मुकम्मल चारागर
ना मिला
उसे ख्याल ना रहा
मर्ज़ दिल का था
दर्द-ऐ-दिल ने
उसे ठीक ना होने
दिया
(चारागर = डाक्टर,चिकित्सक)
09-11-2011
1763-31-11-11

2 टिप्‍पणियां:

  1. मुकम्मल चारागर
    ना मिला
    bahut khoob!

    उत्तर देंहटाएं
  2. मर्ज़ दिल का था
    दर्द-ऐ-दिल ने
    उसे ठीक ना होने
    दिया............wah bahut khoob .ek hi line sab bayan kar gayi ,dard tha use phir se yaad dila gayi .

    उत्तर देंहटाएं