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शनिवार, 12 नवंबर 2011

मेरी तन्हाई मुझसे कहने लगी


मेरी तन्हाई
मुझसे कहने लगी
क्यों हँसना भूल गए ?
क्या निरंतर रोते
रहोगे ?
कब तक ग़मगीन
चेहरा लेकर बैठे
रहोगे ?
मुझे ग़मों में ना
डुबाओ
तुम तो मेरे आगोश में
गम हल्का कर लेते हो
मैं कहाँ जाऊंगी ?
थोड़ा मेरा भी
ख्याल करो
डा.राजेंद्र तेला"निरंतर", 
12-11-2011
1780-51-11-11

3 टिप्‍पणियां:

  1. तुम तो मेरे आगोश में
    गम हल्का कर लेते हो
    मैं कहाँ जाऊंगी ?
    थोड़ा मेरा भी
    ख्याल करो"

    इसीलिए तो तन्हाईयाँ बोलती हैं...
    कभी सुना है उन्हें..??

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