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शनिवार, 26 नवंबर 2011

क्षणिकाएं -7


बराबरी
ऊंचे आसन पर
बैठ कर
धर्म गुरु प्रवचन
देते हैं
सब से बराबरी का
व्यवहार करो
*****
फुर्सत
हर आदमी
हंसना चाहता है
मगर रोने से
फुर्सत नहीं मिलती
*****
मेरा दुःख
हर आदमी सोचता 
मेरा दुःख सबसे
ज्यादा
****
गति
घायल की
गति घायल जाने
जो मर गया 
उसकी
गति कौन जाने ?
****
डाक्टर 
इंतज़ार बीमार का
करता
इलाज बीमारी का
करता 
****
भूख 
भूख इंसान की
सबसे बड़ी बीमारी
अगर भूख नहीं होती
कोई भूखा नहीं रहता
झगडा फसाद कभी
नहीं होता
हर शख्श प्रेम से
रहता
(पेट,धन,पद,बल,काम,
ख्याती और की भूख)
****
ज़ल्दी
यात्रियों को
मंजिल पर
पहुँचने की ज़ल्दी
पहुँच गए तो घर
लौटने की ज़ल्दी
*****
जिसे मिल जाता
जिसे मिल जाता
वो खुश होता
मौत के बारे में ऐसा
कोई ना कहता
****
इतिहास 
इतिहास
भविष्य के लिए
आगाह करता है
विडंबना है
कोई ध्यान नहीं
देता
****
ख्याति
इंसान की ख्याति
उसके पहुँचने से 
पहले पहुँचती
उसके जाने के
 बाद भी रहती
****
हाइकु
क्यों लिखू हाइकु
जब क्षणिका मेरे पास
क्यों लूं उधार
जब मेरी अपनी
मेरे साथ
25-11-2011
1817-82-11-11

6 टिप्‍पणियां: