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सोमवार, 14 नवंबर 2011

वो शादी शुदा थी ,दोनों बच्चों की माँ थी (हास्य कविता)

दर्द बढ़ने लगा
उम्मीद जाने लगी
हसरतों की अर्थी
सजने लगी
उनसे मिलने की
ख्वाइश
दम तोड़ने लगी
तभी वो आ गयी
दोनों बच्चों के साथ थी
हमारी सांसें फिर से
चलने लगी
पूछने पर कहने लगी
वो शादी शुदा थी
दोनों बच्चों की 
माँ थी  
14-11-2011
1790-61-11-11

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