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बुधवार, 5 अक्तूबर 2011

तकदीर नहीं बदलती


लाख नज़रें लड़ाओ
दिल 
कितना भी बहलाओ
तकदीर नहीं बदलती
लिखी है किस्मत में
गर मुफलिसी
झोली हमेशा खाली
रहती
दीवानों की दीवानगी
फिर भी ख़त्म
नहीं होती
हर लम्हा कोशिश
जारी रहती
डा.राजेंद्र तेला, निरंतर,
05-10-2011
1613-21-10-11

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