ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

सोमवार, 24 अक्तूबर 2011

विचारों का प्रवाह

विचारों का प्रवाह
=========
विचारों का प्रवाह मनुष्य के मष्तिष्क की एक सामान्य प्रक्रिया है

पर सद विचार ही आयें,उसके लिये सत्संग आवश्यक है .
सद विचार रखने वाले लोग, आपको निरंतर सद विचारों के प्रति प्रोत्साहित करेंगे .
साथ ही विचारों के प्रवाह को नियंत्रित करना भी अति आवश्यक है
अवांछनीय विचार मष्तिष्क में आते ही उन्हें परिष्कृत करना भी सीखना चाहिए.
तत्काल कुछ और कार्य में अपने को तल्लीन करना चाहिए
24-10-2011
1702-109-10-11

2 टिप्‍पणियां:

  1. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ ………

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं