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सोमवार, 10 अक्तूबर 2011

कल रात आसमान में सूरज निकल गया


कल रात

आसमान में सूरज

निकल गया
सारा जहां रोशनी से
जगमगा गया
उन का खूबसूरत
चेहरा दिख गया
जहन में उसका अक्स
ज़ज्ब हो गया
हसरतों को मुकाम
मिल गया
सुबह से शाम

ठंडी आहें भरता रहा
निरंतर

यादों में खोता रहा

रात का
इंतज़ार करता रहा

10-10-2011
1632-40-10-11

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