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बुधवार, 5 अक्तूबर 2011

आप बात ना करें मंज़ूर हमें


आप

बात ना करें
मंज़ूर हमें
आप
इंतज़ार कराएँ
शिकायत नहीं हमें
आप जवाब ना दें
गिला नहीं हमें
आपको
निरंतर अहसास
हमारा
काफी है दिल के
सुकून के लिए
04-10-2011
1609-17-10-11

1 टिप्पणी:

  1. khoobsurat , dil ka ehasah hi har bhavnao ko jivit rakhta hai . koi kahin bhi rahe par dil se to baat karta rahata hai :)

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