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शुक्रवार, 16 सितंबर 2011

चाँद किस का सूरज किस का

चाँद किस का
सूरज किस का
धरती  के हर भाग को
उजाले से भरते
आकाश किस का
बादल किस के
आज यहाँ
कल वहां बरसते
वायु,अग्नी पर नहीं
आधिपत्य किसी का
पंछी देश देश में
विचरण करते
फिर झगडा झंझट
किस बात का
धरती के टुकड़े के लिए
सेनाएँ आपस में
क्यों लडती
निरंतर मार काट
दुनिया में होती
मनुष्य के
अहम् स्वार्थ की
कोई सीमा नहीं होती
उसे संतुष्टी
कभी नहीं मिलती
डा.राजेंद्र तेला, निरंतर, 
16-09-2011
1514-85-09-11     

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