ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

शुक्रवार, 9 सितंबर 2011

बेटे का नाम बदल कर जन लोकपाल बेटी का नाम सिविल सोसाइटी रख दिया(हास्य कविता )

अन्ना का
अनशन क्या हुआ
देश में भूचाल आ गया
जूते से टोपी तक अन्ना के
नाम का ठप्पा लगने लगा
हँसमुखजी असली नेता थे
वक़्त की नब्ज पकड़ने में
माहिर थे
उन्होंने फ़ौरन मौके का
फायदा उठाया
अन्ना के नाम को बखूबी
इस्तेमाल किया
बेटे का नाम
बदल कर जन लोकपाल
बेटी का नाम
सिविल सोसाइटी रख दिया
एक राजनितिक पार्टी का
गठन  किया
उसका नाम अन्ना पार्टी
रख दिया
पार्टी का निशान
"मैं अन्ना हूँ "टोपी को बनाया
पांच सात दिनों में
पार्टी के
लाखों सदस्य बन गए
खुले दिल से निरंतर
चन्दा लेने के कारण
करोड़ों रूपये इकट्ठे हो गए
आधे स्विट्ज़रलैंड भेज दिए
अब ताल ठोक  कर
भ्रष्टाचार मिटाने की
बात करते हैं
अगले चुनाव में बाकी
पार्टियों को
साफ़ करने का दावा
करते हैं


09-09-2011
1474-46--09-11
1474-46--09-11

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें