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सोमवार, 5 सितंबर 2011

हँसमुखजी ने नया धंधा शुरू किया(हास्य कविता )

हँसमुखजी ने नया धंधा शुरू किया(हास्य कविता )
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हँसमुखजी ने
नया धंधा शुरू किया
२४ घंटे कफ़न बेचने का
शो रूम खोल लिया
प्रात:५ बजे
एक पहलवान आया
पत्नी के निधन पर
एक कफ़न माँगा
हँसमुखजी ने मुस्कारा कर 
स्वागत किया
करीने से पैक किया हुआ
एक पैकट निकाल दिया
कहने लगे
एक आपकी पत्नी के लिए
शोरूम नया है इसलिए
प्रचार के लिए
छोटे पैकट में मुफ्त तोहफा
आपके बच्चे के लिए
आशा है आप ज़ल्द
फिर सेवा का मौक़ा देंगे
हमारे शोरूम पर
निरंतर पधारते रहेंगे
पहलवान गुस्से से धधक गया
मार मार कर हँसमुखजी को 

अधमरा कर दिया
कंधे पर ड़ाल उन्हें भी 

शमशान ले गया
बड़ी मुश्किल से 

लोगों ने उन्हें बचाया
अब शोरूम की जगह
दर्द मुक्ती का 

दवाखाना खुल गया
हँसमुखजी का इलाज भी
वहीँ चल रहा


डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
05-09-2011
1451-23-09-11

1 टिप्पणी:

  1. sahi kaha Sir ! kafan bechane walon ko yeh maloom hee nahi hota ke unka maal koi free main bhi nahi khardeena chahta !!

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